भक्ति की कोई उम्र नहीं होती बालक ध्रुव ने महज पांच साल की उम्र में अपनी अटूट भक्ति से श्रीहरी को प्राप्त किया। श्री राधा कृष्ण मंदिर में अजय उनियाल स्मृति न्यास द्वारा आयोजित श्रीमदभागवत ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन श्रोताओं को कथा के प्रसंग सुनाते हुए कथा वाचक पंडित कपिल देव शास्त्री ने अपने संबोधन में कहे वही उन्होंने ध्रुव चरित्र कि कथा का वर्णन करते हुए कहा कि धुव्र ने साठ वर्षों तक आपका आधिपत्य जमाए रखा कहा की भगवान के भक्ति व स्मरण करने वाले भवसागर से पार हो जाते है।

वही जागर सम्राट पदमश्री प्रीतम भरतवाण ने भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्र मुक्त कर दिया सपरिवार कथा सर्वण करने आए प्रीतम ने व्यास जी को माल्यार्पण कर आशीर्वाद ग्रहण किया वही बहुप्रतीभा के धनी बाल व्यास अर्जित नारायण ने सुरमई भजन गाकर समा बांधा।

इस मौके पर समस्त आचार्या गण तथा संयोजक नागेंद्र उनियाल, नरेन्द्र पडियार , देवेंद्र उनियाल , अनिल गोदियाल, रंजीत चौहान, विनोद कंडारी, कमल बिष्ट, कुशाल राणा, विजय बिंदवाल, अंशुल उनियाल, सोनी, परमिला नेगी, उषा उनियाल , पुष्पा पडियार, चंद्रकला सयाना,लक्ष्मी उनियाल, मधु कैंतूरा राजेश्वरी नेगी, रजनी गोदियाल, विनीता खंडूड़ी, सीता पंवार सहीत भारी संख्या मे मातृ शक्ति व अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।
