मसूरी वन प्रभाग और हंस फाउंडेशन ने वनाग्नि रोकने के लिए संयुक्त रूप से समझौते के तहत परस्पर सहयोग करने का निर्णय लिया गया। मसूरी वन प्रभाग कार्यालय में अयोजित कार्यक्रम में स्वयं सेवक दलों को कंट्रोल रूम से जोड़ने के लिए एक मोबाइल एप का उद्धघाटन किया गया।

मुख्य वन संरक्षक यमुना वृत विनय भार्गव ने बताया कि लखवाड़ जल विद्युत परियोजना के लगभग पचपन प्रभावित लाभार्थी परिवारों को कैट प्लान के तहत विभिन्न स्वरोजगार सामग्री वितरित की गई साथ ही वनाग्निकाल में किस प्रकार से प्रभावी रोक थाम की जाए इसके लिए एक एप भी लॉन्च किया गया है वही मानव वन्य जीव संघर्ष को रोकने के लिए एक कटपुतली नाटक के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।
डीएफओ मसूरी वैभव कुमार सिंह ने बताया कि हंस फाउंडेशन के सहियोग से वनाग्नि की रोक थाम के लिए विगत दो माह से पांच सो फायर फाइटर ग्रामीण स्वयं सेवकों को प्रशिक्षण के साथ ही फायर फाइटर उपकरण भी दिए गए है व उनका ग्रुप इंश्योरेंस भी किया गया है। कहा की इसके लिए मसूरी फॉरेस्ट फाइटर एप लॉन्च किया गया है उन्होंने कहा की मसूरी एवं रायपुर रेंज के संवेदनशील इलाकों मे गुलदार की मॉनिटरिंग के लिए चालीस कैमरा ट्रैप व लाइव कैमरे लगाए गए है।

इस मौके पर एसडीओ डा० उदयनंद गौड, सीमा सिंह, मनोज जोशी, दिव्या जोती सहित वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।
