मसूरी – विटर लाइन कार्निवाल के तहत शहर के विभिन्न स्थानों पर उत्तराखंडी लोक संस्कृति के कार्यक्रम आयोजित किए गये जिसमें स्थानीय लोगों सहित पर्यटकों ने जमकर आनंद लिया व लोक कलाकारों के साथ नृत्य किए।
गढवाल टैरेस पर जयबद्री केदार महिला समूह नेतृत्व में गढवाली लोक नृत्य प्रस्तुत किए गये। जिसमें कलाकारों ने एक से बढकर एक लोक नृत्य व गीत गाकर श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया।
गढ़वाल टैरेस पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही जिसमें जय बद्री केदार महिला समूह ने लोक नृत्यों की प्रस्तुति दी। विंटर लाइन कार्निवल के चौथे दिन गढ़वाल टैरेस पर जय बद्री केदार महिला समूह मसूरी ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति पेश की गई इस दौरान पर्यटक व स्थानीय निवासी भी झूमने पर मजबूर हो गए।
इस मौके पर जय बद्री केदार महिला समूह की अध्यक्ष लक्ष्मी उनियाल ने बताया कि विंटर लाइन कार्निवल के तहत उनके समूह द्वारा यहां अपनी वेशभूषा में गढ़वाली गानों पर नृत्य किया गया। उन्हांने कहा कि अपनी संस्कृति को बचाने के लिए इस तरह के कार्यक्रम किए जाने बहुत जरूरी हैं जिससे कि आने वाली पीढ़ी को अपनी बोली भाषा पता चल सके जिससे अपनी गढ़वाली बोली भाषा संस्कृति बची रह सके।
उन्होंने कहा कि आज युवा पीढ़ी अपनी बोली भाषा पारंपरिक रीति-रिवाज परिधानों से दूर होकर वेस्टर्न कल्चर अपना रही है जो आने वाले समय के लिए चिंता जनक है इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रमिला नेगी, कुसुम बिष्ट, शांति रावत, किरण नौटियाल, पीवीशा बिष्ट,. मनीष रावत ने मनमोहक प्रस्तुति गढवाल टैरेस पर मनमोहक प्रस्तुति दी। मनोज सागर गुं्रप ने भी जौनसारी, जौनपुरी गीतों की प्रस्तुति दी। वहीं कंपनी बाग में संजय तोमर ग्रुप ने हिमाचली, जौनसारी लोक नृत्यों की प्रस्तुति दी।
इसके साथ ही रवि रावत बैंड ग्रु्रप ने भी कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसके साथ ही गोरखा म्युजिकल ग्रुप ने गांधी चौक पर नेपाली गीतों व नृत्यों की प्रस्तुति दी, साथ ही रॉप आकाश गोस्वामी व यश बोहरा गु्रप ने गीत प्रस्तुत किए। लंढौर में हिम शिखर सांस्कृतिक मंच ने दीपक डोभाल के नेतृत्व में प्रस्तुति दी व पर्यावरण के सरंक्षण का संदेश देती नृत्य नाटिका शैलेंद्र बिष्ट के नेतृत्व में प्रस्तुति दी गयी।
