हर्षौल्लास के साथ मनाई गई पर्वतीय गांधी स्व० इंद्रमणि बडोनी की शताब्दी जयंती।

मसूरी –  राज्य आंदोलन की प्रणेता, पर्वतीय गांधी स्व० इंद्रमणि बडोनी की शताब्दी जयंती पर शहर के राजनैतिक सामाजिक संगठनो द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इंद्रमणि बडोनी विचार स्मृति मंच द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बडोनी चौक पर उनकी आदमकद मूर्ति पर माल्यार्पण कर उनके राज्य आंदोलन में अविस्मरणीय योगदान के लिए याद किया गया।

उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के संरक्षक जयप्रकाश उत्तराखंडी ने कहा कि पर्वतीय गांधी स्व० बडोनी की मृत्यु के बाद ही राज्य का गठन हुआ था, लेकिन दुर्भाग्य है की राज्य गठन के 24 साल बाद भी स्व० बडोनी जी के सपनों का उत्तराखंड नहीं बन पाया, आज भी राज्य के जल, जंगल, जमीन, रोज़गार, पलायन, मूल निवास, भू कानून जैसे ज्वलंत मुद्दे हाशिए पर है। कहा कि बडोनी जी के आदर्श राज्य बनाने की अवधारणा अभी पूरी नहीं हुई है।

बडोनी विचार मंच के महामंत्री प्रदीप भंडारी ने कहा कि स्व० बडोनी जी की 100वीं जयंती पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम एवं लोक सांस्कृतिक यात्रा का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि मंच स्व० बडोनी जी के विचारों की लड़ाई सहित राज्य हित के मुद्दों के के लिए संघर्षरत रहेगा।

वही बडोनी चौक से लोक सांस्कृतिक यात्रा शुरू होते हुए शहीद स्थल झूलाघर पहुंची जहां लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस मौके पर मंच के अध्यक्ष पूरण जुयाल, देवी गोदियाल, आर पी बडोनी, पूर्व पालिका अध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल, ओपी उनियाल, गिरीश ढौंडियाल, खुर्शीद अहमद, नितेश उनियाल, चंद्र प्रकाश गोदियाल, मीरा सकलानी, दर्शन रावत, सुनील उनियाल, इज़्ज़ार अहमद, प्रकाश राणा, श्रीपति कंडारी, बिल्लू बाल्मीकि आदि मौजूद रहे।

Vimal Nawani
Vimal Nawani

CHIEF EDITOR