पर्यटक स्थल जॉर्ज एवरेस्ट मे प्रवेश शुल्क, बैरियर लगाने सहित अन्य समस्याओं को लेकर चल रह विवाद को सुलझाने के लिए उपजिलाधिकारी नंदन कुमार ने कचहरी में बैठक बुलाई।
जॉर्ज एवरेस्ट के आस पास रहने वाले स्थानिय निवासियों ने बैठक मे अपनी समस्या को पुरजोर तरीके से मांग करते हुए कहा की वह पिछले कई वर्षों से वहा निवास कर रहे है , लेकिन पर्यटन विभाग द्वारा ऐतिहासिक पर्यटक स्थल जॉर्ज एवरेस्ट सहित आस पास की भूमि को एक निजी कंपनी के साथ अनुबंध कर संचालन करने के लिए दे दिया गया है जिससे उनके हक हकूक पूरी तरह प्रभावित हो चुके हैं और उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
स्थनीय निवासियों की मांग है की बैरियर को जॉर्ज एवरेस्ट से एक किलोमीटर पहले लगाया जाए , प्रवेश शुल्क खत्म किया जाए, जार्ज एवरेस्ट से सटे संपर्क मार्गो को बंद नहीं किया जाए, दुकानदारों के लिए उचित स्थान आवंटित किया जाए। जिस पर एसडीएम नंदन कुमार ने कहा की जॉर्ज एवरेस्ट के आस पास रहने वाले स्थानिय निवासियों, दुकानदारों को चिन्हित कर पर्यटन विभाग को पास बनाने के लिए निर्देशित किया गया हैं वही उनसे कोई प्रवेश शुल्क नहीं लिया जायेगा उन्होंने कंपनी चालकों को स्थानीय निवासियों और दुकानदारों के साथ आपसी सामंजस्य बना कर कार्य करने के निर्देश भी दिए उन्होंने कहा की मसूरी के स्थानीय निवासियों के लिए प्रवेश शुल्क संबंधी मसले पर शीघ्र ही विचार विर्मश किया जाएगा।
इस मौके पर जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, पूर्व पालिक अध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल, व्यापार संघ अध्यक्ष रजत अग्रवाल, महामंत्री जगजीत कुकरेजा , एस एस आई गुमान सिंह नेगी, दिग्विजय अग्रवाल, भगत सिंह कठैत, शांति भट्ट सहित स्थानीय निवासी मौजूद रहे।
