जॉर्ज एवरेस्ट में प्रवेश शुल्क लेने को लेकर संघर्ष समिति ने किया प्रदर्शन, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का पुतला किया दहन।

: माननीय न्यायालय ने पार्क स्टेट में प्रवेश शुल्क लेने पर किसी प्रकार की रोक नही लगाई है – केशव चंद प्रवक्ता राजस एयरोस्पोर्टस 

मसूरी – जार्ज एवरेस्ट संघर्ष समिति के तत्वाधान में राजस एअरो स्पोर्टस कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन किया गया व गांधी चौक पर पुतला दहन किया गया। इस मौके पर वक्ताओं ने आरोप लगाये कि प्रशासन, पुलिस व नगर पालिका हाई कोर्ट के जनहित में आये आदेश का पालन कराने में असमर्थ रही है, लेकिन इस लडाई को पुनः हाईकोर्ट ले जाया जायेगा व सभी को पार्टी बनाया जायेगा।

जार्ज एवरेस्ट संघर्ष समिति के नेतृत्व में शहीद भगत सिंह चौक से गांधी चौक तक राजस कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन किया गया व गांधी चौक पर पुतला दहन किया गया। इस मौके पर युवा नेता सुशांत बोहरा ने कहा कि मसूरी के नागरिकों को सडकों पर उतरना पड़ रहा है जो कार्य प्रशासन, पुलिस को करना था, विधायक मंत्री को करना था वह युवाओं को करना पड़ रहा है, हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी जार्ज एवरेस्ट में टिकट लिया जा रहा है लेकिन हाई कोर्ट के आदेशों का उलंघन किया जा रहा है, अगर नहीं माने तो मुख्यमंत्री व मंत्री का घेराव करेंगे।

पालिका सभासद विशाल खरोला, प्रकाश राणा, मौ. सोएब, जगपाल गुसांई ने भी इस संबंध में कडा रूख अपनाया व कहा कि अगर राजस एअरो सपोर्टस नहीं माना तो पुनः हाई कोर्ट में वन विभाग, नगर पालिका, प्रशासन व पुलिस को पार्टी बनायेंगे वहीं मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जायेगा। इस मौके पर असलम खान, देवी गोदियाल, पूर्व पालिका सभासद दर्शन रावत, भगत सिंह, अभय शर्मा, संजय टम्टा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

राजस एयरोस्पोर्टस एंड एडवेंचर कंपनी के प्रवक्ता/ एजीएम केशव चंद ने बताया कि विशेष रूप से जिस विषय को लेकर भ्रम फैलाया गया, वह सार्वजनिक सड़क एवं शुल्क व्यवस्था से संबंधित था। माननीय न्यायालय के समक्ष विचार उपरांत यह स्थिति स्पष्ट हुई कि जॉर्ज एवेरेस्ट क्षेत्र में कभी भी सार्वजनिक सड़क पर कोई टोल नहीं लगाया गया। जो शुल्क लिया जाता रहा, वह जॉर्ज एवेरेस्ट पार्क / एस्टेट में प्रवेश हेतु निर्धारित वैध एंट्री फीस थी, जो एक पृथक, अनुबंध-सम्मत और नियमों के अनुरूप व्यवस्था है। माननीय न्यायालय ने यह स्पष्ट किया है कि पार्क/एस्टेट में प्रवेश शुल्क लेने का अधिकार पूर्णतः यथावत है, और इस पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगाई गई है।

Vimal Nawani
Vimal Nawani

CHIEF EDITOR