… तो क्या शीघ्र पूरा होगा देहरादून मसूरी रेल लाइन का सपना ?

विमल नवानी 

: पर्यटन नगरी के लिए मील का पत्थर साबित होगा देहरादून मसूरी रेल प्रोजेक्ट।

: महाराजा पटियाला ने ‘राजपुर – मसूरी इलेक्ट्रिक ट्राम वे’ में किया था भारी धन खर्च – जयप्रकाश उत्तराखंडी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर देहरादून – मसूरी रेल लाइन प्रोजेक्ट की पैरवी करने से मसूरीवासियों को डबल इंजन की सरकार से देहरादून मसूरी रेल लाइन बिछाने की उम्मीद जगी है। यदि केन्द्र सरकार इस रेल लाइन प्रोजेक्ट को स्वीकृति प्रदान करती है तो यह पर्यटन नगरी के विकास के लिए “मील का पत्थर” साबित होगा।

गौरतलब है की ब्रिटिश काल में अंग्रेजों द्वारा राजपुर के शहनशाही आश्रम तक रेल लाइन बिछाई जा चुकी थी, लेकिन आज़ादी के 76 साल बाद भी यह रेल लाइन प्रोजेक्ट आगे नही बढ़ पाया।

इतिहासकार जयप्रकाश उत्तराखंडी ने बताया कि मसूरी में रेल लाने का सपना सबसे पहले मसूरी के उद्योगपति और 1857 के गदर के दिनों में मसूरी पालिका के चेयरमैन जॉन मेकिनन ने 1861 में देखा था उन्होंने इस योजना पर काम शुरू किया योजना के अनुसार गाजियाबाद से ऋषिकेश व राजपुर और मसूरी तक रेल लाइन का खाका तैयार किया गया। आयरलैंड की मशहूर एनीस्किलन रेलवे कंपनी ने इस योजना में अपना एक इंजीनियर मसूरी भेजा था, इससे पहले कि यह योजना परवान चढ़ती 1870 में जॉन मेकिनन की मृत्यु हों गई।

उन्होंने बताया कि 1907 में बिजली आने के बाद मसूरी नगर पालिका ने रेल लाने का दूसरा प्रयास 1912 -13 में किया पर यह योजना भी असफल रही। कहा की प्रथम विष्व युद्ध के बाद मसूरी के बड़े व्यवसायीयों व विशेषकर महाराजा पटियाला ने ‘ राजपुर मसूरी इलेक्ट्रिक ट्राम वे’ में भारी धन खर्च किया। जिसके तहत देहरादून से राजपुर – ओक ग्रोव (झाड़ीपानी) से हिमालय क्लब तक रेल लाइन बिछाने की योजना थी लेकिन राजपुर से ऊपर झड़ीपानी की पहाड़ियों पर सुरंग खुदान में पहाड़ी धसने से उसके नीचे बाल्टिस्तान के करीब 30 से ज़्यादा मजदूरों की मौत से हाहाकार मच गया और योजना खटाई में पड़ गई। बकौल उत्तराखंडी मसूरी रेलवे लाने के लिए फिर से प्रयास शुरू हुए ही थे कि द्वितीय विश्व युद्ध शुरू हो गया और मसूरी रेल योजना हमेशा के लिए दफन हो गई।

मसूरी ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि यह राज्य सरकार का स्वागतयोग्य कदम है उक्त रेल मार्ग बनने से पर्यटन बढ़ावा मिलेगा साथ ही देश विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए यह एक आनंद और रोमांचकारी सफर साबित होगा, वही कई दशकों से ट्रैफिक जाम का दंश झेल रही पहाड़ों की रानी मसूरी को जाम से निजात मिलेगी।

Vimal Nawani
Vimal Nawani

CHIEF EDITOR