मसूरी इंटरनेशनल स्कूल के वार्षिक खेल प्रतियोगिता में गायत्री सदन ने प्रथम स्थान हासिल किया।

मसूरी – मसूरी इंटर नेशनल स्कूल वार्षिक खेल दिवस पर आयोजित प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने अपनी प्रतिभा की चमक बिखेरी व स्वस्थ्य होने का संदेश दिया। सभी प्रतियोगिताएं उत्साह और खेल भावना के साथ संपन्न हुई।

मसूरी इंटर नेशनल स्कूल का वार्षिक खेल कूद प्रतियोगिताएं वैदिक मंत्रोच्चार एवं विद्यालय की प्रार्थना से प्रारंभ हुई। इस समारोह में भारतीय संस्कृति और आधुनिक खेल भावना का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं विद्यालय की प्रधानाचार्या शालू बब्बर का स्वागत उपप्रधानाचार्य जितेंद्र दास ने किया। मुख्य अतिथि ने ध्वजारोहण कर समारोह का विधिवत शुभारंभ किया तथा खेल मशाल खेल कप्तान को सौंपकर प्रतियोगिताओं की औपचारिक घोषणा की। इसके पश्चात खेल कप्तान ने सभी खिलाड़ियों को खेल भावना, अनुशासन एवं निष्पक्षता की शपथ दिलाई। समारोह का पहला आकर्षण छात्राओं का शानदार मार्च-पास्ट रहा। अनुशासित कदमताल, आत्मविश्वास और एकरूपता से सजी छात्राओं की प्रस्तुति ने उपस्थित अभिभावकों एवं दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। खेल प्रतियोगिताओं के अंतर्गत 100 मीटर, 200 मीटर एवं 400 मीटर की विभिन्न आयु वर्गों की दौड़ आयोजित की गई। सभी प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने अद्भुत उत्साह, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्ट खेल कौशल का परिचय दिया। सदनवार प्रतियोगिता में गायत्री सदन ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की, जबकि लक्ष्मी सदन द्वितीय तथा संतोषी सदन तृतीय स्थान पर रहे। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में जूनियर वर्ग में तनवी मक्कर तथा सीनियर वर्ग में तंवी कात्यायन ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विशेष पहचान बनाई। समारोह में जुम्बा, बाधा दौड़ और कराटे, मार्शल आर्ट की रोमांचक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में नई ऊर्जा भर दी। वहीं, योग प्रदर्शन समारोह का विशेष आकर्षण रहा, जिसने छात्राओं के शारीरिक संतुलन, मानसिक एकाग्रता और अनुशासन का प्रभावशाली परिचय दिया।

समापन समारोह में प्रधानाचार्या शालू बब्बर ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि इक्कीसवीं शताब्दी बालिकाओं की उपलब्धियों और सामर्थ्य की शताब्दी है। आज बालिकाएँ प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। मसूरी इंटरनेशनल स्कूल की छात्राओं का आत्मविश्वास, योग्यता और अनुशासन इस बात का प्रमाण है कि देश का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है। उन्होंने कहा कि विद्यालय की शिक्षा एवं संस्कृति भारतीय परंपराओं के गौरवशाली मूल्यों को आधुनिक दृष्टिकोण के साथ जोड़कर छात्राओं के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास कर रही है। इस उपलब्धि के लिए उन्होंने शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति के समर्पित योगदान की भी सराहना की।

निस्संदेह, यह खेल दिवस केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने छात्राओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सहयोग और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को भी सुदृढ़ किया। इस मौके पर अभिभावक, शिक्षक शिक्षिकाएं व छात्राएं मौजूद रही।

Vimal Nawani
Vimal Nawani

CHIEF EDITOR