शहरी विकास निदेशक ने किया एमआरएफ सेंटर एवं बायो मेथेनेशन प्लांट का निरीक्षण।

मसूरी – शहरी विकास विभाग द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान एमआरएफ सेंटर एवं बायो-मेथनेशन प्लांट की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान उन्होंने नगर क्षेत्र में स्रोत स्तर (Source Segregation) पर कचरे के पृथक्करण को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए।

शहरी विकास निदेशक विनोद गोस्वामी ने कहा कि जो आवासीय भवन, व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं संस्थान सूखे एवं गीले कचरे का पृथक्करण नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।निरीक्षण के दौरान परिसर में डंप किए गए अपशिष्ट (वेस्ट) का एक सप्ताह के भीतर पूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए। साथ ही एमआरएफ सेंटर एवं बायो-मेथनेशन प्लांट के संचालन, एवं वर्तमान स्थिति संबंधी विस्तृत रिपोर्ट भी एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

निदेशक विनोद गोस्वामी ने एमआरएफ सेंटर के सामने स्थित क्षतिग्रस्त सड़क की शीघ्र मरम्मत कराने के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं एवं कार्यों में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए संबंधित दोनों फर्मों पर 10000 ₹ जुर्माना लगाया गया।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित समयावधि के भीतर सभी कमियों का निराकरण किया जाए तथा भविष्य में कार्यों के संचालन एवं स्वच्छता प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि नगर में स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु नियमित निरीक्षण एवं निगरानी जारी रहेगी।

इस मौके पर अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन, रजनीश डोबरियाल सहित पालिका कर्मचारी मौजूद रहे।

Vimal Nawani
Vimal Nawani

CHIEF EDITOR