दरअसल हल्द्वानी, पिथौरागढ़, डोईवाला, भवाली, टनकपुर, कोटद्वार समेत दो दर्जन निकायों के सीमा विस्तार का अलग अलग याचिकाओं के माध्यम से चुनौती दी गई थी। याचिकाओं में कहा गया था कि अधिसूचना राज्यपाल से जारी की जानी चाहिए थी, मगर यह शहरी विकास निदेशालय से जारी की गई।

पिछले दिनों सरकार ने इस मामले में जवाब दाखिल किया था। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख दिया था। सोमवार को दोपहर दो बजे जस्टिस सुधांशु धूलिया की एकलपीठ ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने सीमा विस्तार को लेकर को गई प्रक्रिया को असंवैधानिक मानते हुए निरस्त कर दिया।